नोटबंदी के फैसले से सबसे ज्यादा मजदुर हुआ परेशान

Gurdaspur


गुरदासपुर(दीपक कुमार) प्रधानमंत्री की ओर से 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए जाने से सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरों को उठानी पड़ रही है। गरीब और मजदूरों को नोटबंदी से काेई राहत नहीं दिए जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया । नोटबंदी के कारण मजदूरों के घरों में चूल्हे भी नहीं जल पा रहे हैं। 
26 दिन बीत जाने के बाद भी मजदूर परेशान नजर आ रहा है इस मौके पर जब जिला गुरदासपुर के शहर दीनानगर में मजदूरों से बात की गई तो  उन्होंने बताया कि नोटबंधी के कारण उनको दिहाड़ी नही मिल रही जिसके कारण बो परेशान होकर शाम को घर चले जाते है।घर में रोजी रोटी गुजारा  उधार से चल रहा है  कभी कभी उनको यदि काम मिल भी जाता  है तो उनको मेहनत करने के बाद 500 का नोट मिलता है जिसके कारण उनको काफी परेशानी होती है उन्होंने बताया इस महीने में काफी काम होता था पर नोटबंदी के कारण उनको 20-25 दिनों में नामात्र ही काम मिला है।जिसके कारण घर से भी काफी ताने सुनने को मिलते है।  मजदूरो ने बताया कि इस नोटबंदी के फैसले पर वो मोदी के साथ है। वो 50 दिन के फैसले पर  गरीब उनके साथ है क्योकि गरीब भूखा रह कर गुजारा कर  सकता है पर अमीर नही।  

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