हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

Amritsar Punjab

2016_12image_08_38_029229500narendramodi-ll-1अमृतसर: ( हनी मेहरा )पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सिर्फ आतंकवादी ताकतों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि इनको सहयोग, शरण, प्रशिक्षण और वित्तीय मदद देने वालों के विरूद्ध भी ‘दृढ़ कार्रवाई’ की जरूरत का आह्वान करते हुए कहा कि चुप्पी और निष्क्रियता से आतंकवादियों एवं उनके आकाओं का हौसला बढ़ेगा।  ‘हार्ट ऑफ एशिया’ के छठे सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आतंकी हिंसा का बढ़ता दायरा इस क्षेत्र के लिए गंंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

अफगानिस्तान में शांति लाना है मकसद
‘हॉर्ट ऑफ एशिया’ अफगानिस्तान में बदलाव में मदद के मकसद से स्थापित मंच है। उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद और बाहर से प्रोत्साहित अस्थिरता ने अफगानिस्तान की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए गंभीर खतरा पैदा किया है। आतंकी हिंसा के बढ़ते दायरे ने हमारे पूरे क्षेत्र को खतरे में डाला है। अफगानिस्तान में शांति की आवाज का सिर्फ समर्थन करना ही पर्याप्त नहीं है।’’ प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान की आेर इशारा करते हुए कहा, ‘‘इसके साथ ही दृढ़ कार्रवाई होनी चाहिए। यह कार्रवाई सिर्फ आतंकवादी ताकतों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि इनका सहयोग, शरण, प्रशिक्षण और वित्तीय मदद देने वालों के विरूद्ध भी होनी चाहिए।’’ वह वार्षिक मंत्रीस्तरीय सम्मेलन का अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ संयुक्त रूप से उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। इस सम्मेलन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज सहित करीब 30 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

अफगानिस्तान के साथ करीबी रिश्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्तपात और डर पैदा करने वाले आतंकी नेटवर्क को पराजित करने के लिए ठोस और सामूहिक इच्छाशक्ति दिखाने की जरूरत है।  अफगानिस्तान में बदलाव को लेकर भारत की ठोस प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘अफगान भाइयों एवं बहनों को लेकर हमारी प्रतिबद्धता संपूर्ण और अटूट है। अफगानिस्तान एवं वहां की जनता की भलाई हमारे दिल और दिमाग के बहुत करीब है।’’  उन्होंने अफगान-नीत, अफगानिस्तान के स्वामित्व वाली और अफगानिस्तान के नियंत्रण वाली शांति प्रक्रिया के माध्यम से देश में स्थिरता लाने का आह्वान किया।  अफगानिस्तान में ‘स्थायी शांति और स्थायी राजनीतिक स्थिरता’ लाने के लिए सतत एवं गंभीर वैश्विक प्रयासों का आह्वान करते हुए मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान की सीमा और उसके नागरिकों को बाहरी खतरों से सुरक्षित रखना ‘हमारे समय के महत्वपूर्ण अधूरे मिशन’ का एक प्रमुख हिस्सा होना चाहिए।
मोदी ने कहा, ‘‘सवाल संंकल्प और कार्रवाई का है। यह अफगानिस्तान और उसके लोगों को सबसे आगे रखने का भी सवाल है। इसके लिए, सबसे पहले अफगान-नीत, अफगानिस्तान के स्वामित्व वाली और अफगानिस्तान के नियंत्रण वाली प्रक्रिया प्रमुख है।

अमृतसर को शांति का प्रतीक
अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन की मेजबानी के महत्व का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि क्षेत्र के जरिए व्यापार, लोगों और विचारों के प्रवाह का इस पवित्र शहर में मिलन होता है। मोदी ने अमृतसर को शांति एवं मानवतावाद का अवतार तथा वीरता और बलिदान का प्रतीक करार देते हुए कहा, ‘‘अमृतसर उस संपर्क को बहाल करने के महत्व की पुष्टि करता है जो अफगानिस्तान की संपूर्ण प्रगति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।’’ अफगानिस्तान के साथ अमृतसर के संपर्क का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा गुरूनानक देव के सबसे पहले शिष्य अफगान थे और काबुल में 15वीं सदी में उन्होंने उपदेश दिया था।

भारत का अफगानिस्तान को बिना शर्त दे रहा आर्थिक सहयोग-गनी
अशरफ गनी ने सम्मलेन के उद्घाटन के मौके पर कहा कि भारत अफगानिस्तान को बिना शर्त आर्थिक सहयोग दे रहा है और इसके लिए उन्होंने भारत का शुक्रिया अदा किया। गनी ने सहयोग के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी धन्यवाद कहा। गनी ने कहा कि भारत, अफगानिस्तान और ईरान के लिए चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट कनेक्टिविटि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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