विश्व बाल श्रम दिवस के उपलक्ष्य पर क्रिसैंट पब्लिक स्कूल में आज विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया

Bilaspur Himachal Pradesh

बिलासपुर,(रिशु प्रभाकर ) विश्व बाल श्रम दिवस के उपलक्ष्य पर क्रिसैंट पब्लिक स्कूल बिलासपुर में आज विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता परवीन चैहान, अध्यक्ष उप मण्डल विधिक सेवा समिति एवं सी.जे. एम. बिलासपुर ने की । जागरूकता शिविर में बाल श्रम से सम्बन्धित बने कानूनों की विस्तार से जानकारी दी गई । इस अवसर पर परवीन चैहान ने बाल श्रम (उन्मूलन और विनयमन) अधिनियम, 1986 चैहदा वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खानों और खतरनाक कामों में लगाने से रोकने और कुछ अन्य रोजगारों में उनके काम की स्थितयों को विनियमित करने के लिए अधिनियमित किया गया था । उन्होंने कहा कि बाल श्रम प्रतिबंधित एवं विनियम अधिनियम की धारा तीन के अतिरिक्त प्रावधानों पर एक माह की सजा और एक हजार रूपये के जुर्माने का प्रावधान है । उन्होंने रैंगिग प्रोहेविशन एक्ट 1998 के बारे में भी बच्चों को विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बाल श्रम अधिनियम के तहत जानकारी देते हुए कहा कि कोई ऐसा बच्चा जिसकी आयु 14 वर्ष से कम हो और वह जीविका के लिए काम करे बाल मजदूर कहलाता है । बाल मजदूरी की स्थिति में सुधार के लिए सरकार ने 1986 में चाईल्ड लेबर एक्ट बनाया जिसके तहत बाल मजदूरी को एक अपराध माना गया तथा रोजगार पाने की न्यूनतम आयु 14 वर्ष कर दी गई है
जागरूकता कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य, अध्यापक स्टाफ तथा 200 से अधिक बच्चों ने बाल श्रम अधिनियम बारे जानकारी हासिल की।

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