व्यापक जानकारी उपलब्ध करवाने के उददेश्य से एक मई से चार मई तक चार दिवसीय आपदा प्रबन्धन कार्यशाला आयोजित

Bilaspur Himachal Pradesh

बिलासपुर (रिशु प्रभाकर)  विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों/कर्मचारियों को बचत भवन बिलासपुर में आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित विस्तृृत व व्यापक जानकारी उपलब्ध करवाने के उददेश्य से एक मई से चार मई तक चार दिवसीय आपदा प्रबन्धन कार्यशाला आयोजित की गई । अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार ने समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कार्यशाला के चारों सत्र में आपदा के खतरों व नुकसान को कम करने के विभिन्न पहलूओं पर विस्तार से चर्चा की गई । उन्होंने कहा कि पूरे विश्व के साथ-साथ भारतवर्ष व हिमाचल प्रदेश भी आपदा व जलवायु परिवर्तन से होने वाले प्रभावों के दृृष्टिगत अपने आप को तैयार करना व आगामी कार्य योजना तथा मास्टर ट्रेनर तैयार करना अति अवाश्यक है, ताकि आपदा की स्थिति से निपटने व जान-माल को कम करने में सहयोग मिल सके । उन्होंने कहा कि अमूमन जब भी कभी बाढ़ या सूनामी आती है अथवा भूस्खलन होता है तो उसके पीछे मानव निर्मित गतिविधियां जैसे बड़ी संख्या में पेड़ काटना, नदी-नालों पर कब्जा करना, भूमि कटाव करना, जंगलों में आग लगाना इत्यादि शामिल रहती है । उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए हमें सबसे पहले ूमेंटली परपेयर रहना आवश्यक है और प्रभावित परिवारों के मनोबल को बनाए रखते हुए जान व माल की क्षति को करने का प्रयास करना चाहिए ।


उन्होंने कहा कि आपदा प्रबन्धन की इस चार दिवसीय कार्यशाला में जिला अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा प्राप्त की गई विभिन्न जानकारियों को वे भविष्य में किसी भी आपदा स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम से कम करने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस को अपना भरपूर सहयोग देंगे ।
कार्यशाला में युएनडीपी ईडिया से आए आपदा प्रबन्धन विशेषज्ञ रमण तथा मृृनाल नाथ ने आपदा प्रबन्धन के विभिन्न पहलूओं बारे चर्चा व प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी ।
इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी हेमचन्द ठाकुर, सीडीपीओ झण्डुता नरेन्द्र कुमार, बाल सरंक्षण अधिकारी रमेश सांख्यान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी कार्यशाला में उपस्थित रहे ।इति

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