पानी का पम्प खराब,फसलों की सिंचाई राम भरोसे (विडिओ)

Bilaspur Himachal Pradesh

बिलासपुर( रिशु प्रभाकर) ग्रामीणों का 60 लाख रुपए का बीज खराब होने की कगार पर जी हां हम बात कर रहे हैं  जिला बिलासपुर की छकोह पंचायत की मलोथी गांव की जहां लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से चल रही उठाऊ सिंचाई योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। लोगों की भूमि में सिंचाई के लिए तैयार इस उठाऊ सिंचाई योजना के दो पंप पिछले करीब डेढ़ वर्ष से खराब पड़े हुए हैं,मलोथी गांव में 77 परिवारों ने गोभी का बीज लगाया है, जिसकी  अनुमानित कीमत  करीब 60 लाख रुपए आंकी गई है, लेकिन बराबर सिंचाई का पानी नहीं मिलने से यह फसल खराब हो रही है। लेकिन हैरत की बात है कि विभाग द्वारा इन पंपों को दुरुस्त करने के लिए आज तक जहमत नहीं उठाई गई।
ऐसे में पिछले 22 सालों से चल रही यह योजना विभागीय लापरवाही के चलते कभी भी ठप पड़ सकती है। गौर हो कि इस उठाऊ सिंचाई योजना को चले 22 वर्ष से अधिक का समय हो गया है। उस समय यह योजना आठ लाख 49 हजार रुपए की लागत से तैयार हुई थी। इस  योजना से 107.29 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है
मलोथी और कोठी गांव के  किसान इस योजना का लाभ उठाते हैं। इसी सिंचाई योजना के चलते ग्रामीण हर वर्ष करीब एक करोड़ से ऊपर का नकदी फसलों का उत्पादन करके लाभ उठाते हैं। इस योजना पर तीन पंप लगे है परंतु पिछले डेढ़ वर्षों से दो पंप बिलकुल खराब हैं। जिस कारण सारा कार्य महज एक पंप के सहारे किया जा रहा है, परंतु ओवरर्लोड होने के कारण यह पंप भी अमूमन खराब ही रहता है।  मलोथी गांव में 77 परिवारों ने गोभी का बीज लगाया है, जिसकी  अनुमानित कीमत  करीब 60 लाख रुपए आंकी गई है, लेकिन बराबर सिंचाई का पानी नहीं मिलने से यह फसल खराब हो रही है।  किसान मंडल के प्रधान बाबू राम ने बताया कि किसानों का इस पंप के कारण  करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस वर्ष किसानों  को भारी आर्थिक हानि का सामना करना पडे़गा।

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