वन संपदा के नुकसान में लिप्त विभागीय अमले के खिलाफ होगी कठोरतम कार्रवाई 

Chhatarpur Madhya Pradesh

छतरपुर (निर्णय तिवारी ) छतरपुर वन वृत के छतरपुर टीकमगढ़ और पन्ना जिले के जंगलों से वन संपदा के अवैध दोहन और वन्य प्राणियों के अवैध शिकार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा। यदि इस अवैध कार्य में किसी भी वन अधिकारी अथवा कर्मचारी क ी संलिप्ता पाई गई तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह बात आज चर्चा के दौरान छतरपुर वृत के सीसीएफ केएस अलावा ने कही। उन्होंने दावा किया कि छतरपुर वन वृत के तीनों जिलों में मानसून आने पर शासन द्वारा प्रदत्त लक्ष्य के अनुरूप जंगलों में पौधा रोपण किया जाएगा। जंगलों के जरिए शासन की राज्य आय में वृद्धि के सार्थक प्रयास किए जाएंगे। सीसीएफ केएस अलावा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि छतरपुर वन वृत के तीनों जिलों की वन भूमि पर दबंगों द्वारा किए गए अतिक्र मण को अभियान चलाकर न सिर्फ सख्ती से हटाया जाएगा बल्कि अतिक्रमाकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के एक्ट के मुताबिक जो आदिम जाति के लोग वर्ष 2005 के पहले से वन भूमियों पदर काबिज हैं उन्हें शासन के नियमानुसार पट्टे मुहैया कराए जाएंगे। अन्य समाज के लोगों ने यदि वन भूमि पर कब्जे कर रखे हैं तो उन्हें दस्तावेजी सबूतों समेत यह  प्रमाण देना होगा कि वे तीन पीढ़ी से वन भूमि पर काबिज हैं। उन्होंने कहा कि इस माह की तहकीकात के लिए कलेक्टर, डीएफओ तथा सहायक आयुक्त अनुसूचित जनजाति क ी कमेटी बनाई गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि वन भूमि पर काबिज लोगों को शासन के नियम के मुताबिक पट्टे मिलने के बाद बहुत अधिक वन भूमि निकल जाएगी। उन्होंने कहा कि मातहत वन अधिकारियों और कर्मचारियों  को छतरपुर वन वृत में टीम भावना से काम करना चाहिए और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाया जाना चाहिए। अधिकारियों  और कर्मचारियों को यह दायित्व है कि वे जनता को वन विभाग से संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाएं।

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