खजुराहो मेले में पार्किग ठेकेदारो की मनमानी से आम आदमी को हो रही है । परेशानी :-

Chhatarpur Madhya Pradesh


खजुराहो ( निर्णय तिवारी)  मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो के मंदिर देशही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में अपनी प्रतिभा की पहचान के लिए जाने जाते है।यहाँ महाशिवरात्रि के पर्व पर बर्षो से चली आ रही परम्परा के अनुसार करीब 500 बर्षो से मेले का  आयोजन होता चला आ रहा है प्रतिबर्ष की भांति इस बर्ष भी शिवरात्रि के पावन पर्व खजुराहो मेले का शुभारम्भ हुआ। इसे अच्छी तरफ से संचालित करने में शासन व प्रशासन ने पूरा प्रयाश किया कोई भी ब्यक्ति मेले में अब्यबस्था न फैला सके इस समस्या को ध्यान में रखते हुए इसके पुख्ता इंतज़ामात किये गए। लेकिन इनसब के बाबजूद भी कुछ असामाजिक तत्व कहे या अशिक्षित क्योकि नगर पंचायत खजुराहो ने मेले को सुचारू और सुनियोजित ब्यबस्था बनाये रखने के लिए दिए गए पार्किग ठेका ऐसे लोगो को आबंटित कर दिए गए जो आम आदमी को आम इंसान नहीं बल्कि जानवर समझते है जिन्हें डान्ट फटकार कर रोक दिया जाता है और इधर उधर के चक्कर लगवाये जाते है । मेला प्रांगड से मात्र दो कदम की दूरी स्थित नगर पालिका या बस स्टैंड जाने के लिए पूरा पूरा आधा किलोमीटर के चक्कर लगवाया जाता है। जबकि अपनी पहचान या जानने वालों को वही से अंदर भेज दिया जाता है
ये कैसा नियम है आखैर नियम तो नियम होता है जो सभी के लिए सामान होता है उसमें अपना क्या पराया क्या पार्किंग ब्यबस्था में कुछ असभ्य और अपनी अच्छी मानसिकता का परिचय देते है ।
प्रशासन को चाहिए की यदि एक आदमी से पूरे मेले की छबि दूमिल होती है । तो ऐसे असभ्य और अनुचित मानसिकता के लोगो को तुरंत हटाकर सभ्य और सरल ब्यक्ति को ही पार्किंग व अन्य किसी भी तरह का कर बसूलने का कार्य दे ।

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