43 खजुराहो में प्रशिद्ध अंतराष्टीय बार्षिक नृत्य समारोह का हुआ शुभारम्भ

Madhya Pradesh

IMG-20170220-WA0323खजुराहो (निर्णय तिवारी )विष्व प्रसिद्ध नगरी में 20 से 26 फरवरी तक चलने वाले 7 दिवसीय 43 वे बार्षिक खजुराहो नृत्य समारोंह का आगाज  शुभारम्भ सोमवार शाम करीब 7:30  बजें मध्यप्रदेष के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान के हाथों दीप प्रज्वलित होना था पर किसी कारन वे फेस्टिवल में सामिल न सके।  जिसमे मंच पर पहुचनें से पहले सर्वप्रथम उपस्थित मुख्या अतिथियों  नें मतंगेष्वर महादेव शिवशम्भू को नमन किया। , जिलें के विधायक गण बिजाबर विधायक गुड्डन पाठक और खजुराहो नगर पालिका की लोकप्रीय व कर्मण्ठ अध्यक्ष कविता राजे, जिला कलेक्टर रमेश भंडारी, एस. पी. ललित शाक्यवार के हाथो नृत्य समारोह में दीप प्रज्वलित शुभारंम्भ कर दिया गया  तथा कार्यकर्ताओं ने अपनी मौजूदगी दी। जानकारी के मुताबिक नृत्य समारोह में 7 दिनों तक होने वाले अंतराष्टीय नृत्य समारोह में देश के कई ख्याति प्राप्त कलाकारो ने अपनी भागीदारी ली जिनके द्धारा नृत्य की अदभुद झलकियाॅ प्रस्तुत की जायेगी। नृत्य की परम्परा को इस महोत्सव में नये आयाम प्राप्त कराने के लिये संस्कृतिक विभाग द्वारा समूचे बिश्व में देशज्ञान परम्परा, गुरुशिष्य परम्परा, नवप्रयोग, सृजन परम्परा एवं भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को कायम रखने के उद्देश्य से आयोजित कराया गया है। व साथ ही पर्यटन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रवंधक मोन्सी जोसफ ने जानकारी हुए बताया कि पहली बार दर्षकों व पर्यटको को संस्कृति एवं विरासत को सहेजे रखने व जागरुक करने के उददेष्य से तथा विदेषी सैलानियो व पर्यटको को पर्यटक स्थल की ओर आकर्षित करने के लिए खजुराहो के नृत्य समारोह में मैराथन दौड़ को भी शामिल किया गया है। जिसमें 04 बर्ष की उम्र से लेकर किसी भी सीमा का कोई व्यक्ति शामिल हो सकता है उम्र का कोई बंधन नही है मैराथन दौड़ को 3 हिस्सों में बांटा गया है। प्रथम दौड़ 21 कि.लो. दितीय 10 कि.मी. एवं तृतीय 05 कि.मी. की होना निर्धारित की गई। मैराथन में प्रदेश के अलावा बाहरी प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। डांस फेस्टिवल में सर्वप्रथम अनुज मिश्रा दिल्ली के द्वारा कत्थक नृत्य की अलौकिक प्रस्तुति दी गई। जिसने पूरे समां को बांध कर दिया उपरांत संचित भट्टचार्य ने ओडिशी नृत्य प्रस्तुत किया एवं अंत में जयश्री आचार्य ने कत्थक समूह की पेसकस दी कलाकारों ने चर्चा में बताया की उनके द्वारा अन्तँराष्टीय मंच पर अपनी प्रस्तुति देकर वह.धन्य हो गये वही पयँटन और सस्कृति मंत्री का कहना है कि प्रदेश के पयँटन क्षेत्र मे उनकी सरकार कई कायँक्रम चला रही है उनका कहना है कि अथिक मंदी के कारण विदेशी पयँटको मे इस बार कमी आई है  इस डांस फेस्टिवल मे हर साल नयापन बना रहे ,इसका उनका विभाग प्रयास करता रहता पूरे प्रांगड़ में देशी व विदेशी पर्यटक सैलानियो की काफी भीड़ देखने को मिली और प्रशिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति से दर्शको की आँखे फटी की फटी रह गई ओडिशी  कलाकारों से जानकारी हुई की ओडिशी नृत्य का जन्म मंदिर में नृत्य करने वाली देवदासियों के नृत्य से हुआ जिसका उल्लेख ब्रम्हेश्वर व कोणार्क के सूर्या मंदिर के बाहरी शिलालेखो में देखने को मिलता है

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