कूदरत का करिश्मा एक बच्चे के 2 सर, 4 पैर और 3 हाँथ (देखो विडिओ )

News Delhi

दिल्ली (राकेश सोनी )कूदरत का करिश्मा ,, देश के सबसे बड़े अस्पताल में ऐसा करिश्मा जो होतें तो अक्सर हैं,, बावजूद ईसके ये काफी रेयर है। ईस अस्पताल में एक माँ नें ऐसे बच्चे को जन्म दिया जिसके 2 सर, 4 पैर और तीन हाँथ थें। यानी दो बच्चे आपस में जुड़े हुए पैदा हुए। मेडिकल की भाँषा में ईसे कंजाईम ट्विंस कहा जाता है। एम्स के डॉक्टरों नें बड़ी मुश्किल से ईस बच्चे की डिलेवरी सर्जरी के द्वारा की। ईस केस में बच्चे का शरिर भले हीं दो था,, लेकिन दिल एक था,, हालांकि एक दिल में भी कमी थी,, लिहाजा ये कुदरत का करिश्मा लगभग 40-42 घण्टे तक जिन्दा रहा,, उसके बाद ईसकी मौत हो गई।
 दो जिस्म एक दिल…. अनहोनी जब होनी में बदलती है,,, तब उसे कूदरत का करिश्मा कहते हैं। जी हाँ कुछ करिश्मे की तरह ही हुआ,, देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में। जहाँ एक माँ नें जुड़वे बच्चे को जन्म तो दिया,, लेकिन ये दोनों आपस में जुड़े हुए थें। पैदाईसी के दौरान बच्चे का वजन लगभग 5 किलो था। जिसे एक तरह से नर्मल कहा जा सकता है।,, लेकिन बच्चे का पुरा शरिर एक था,,, जो कि कहीं से भी नर्मल नहीं था। ईस बच्चे का दो सर, तीन हाँथ और चार पैर था। अक्सर देखा गया है, कि ऐसी परिस्थीती में बच्चे बच भी जाते हैं,, लेकिन ईस केस में बच्चे का दिल एक था  और उसमें कुछ कमियाँ भी थी।,, एम्स के डॉक्टरों की मदद से बड़ी मुश्किल से ईस बच्चे का जन्म तो हो गया, लेकिन दिल में कमी होनें के कारण ईसकी मृत्यू हो गई।
वो कहते हैं ना कि कूदरत के आगे कभी-कभी सारा का सारा विज्ञान धरा का धरा रह जाता है। ईस बच्चे के दिल में कमी होनेें के कारण एम्स के डॉक्टर ईसे नहीं बचा पाए।,, ईस तरह के केस अक्सर देखनें को मिलता है,, लेकिन करिश्में का असल वजह क्या है,, ऐसी स्थिती से क्या करना चाहिए,, आप खूद जानिए ईस सिनियर डॉक्टर की जुबानी।,,
उन्हे I.B.F. जैसी तमाम तकनिक के द्वारा गर्भ धारण करवाया जाता है,, जैसा कि डॉक्टर नें बताया कि ऐसी स्थिती में जुड़वा बच्चों के चाँस अक्सर बढ़ जाते हैं,, ईस हालत में जरुरी है,, कि गर्भ धारण के तुरन्त बाद महिला को डॉक्टरी देखरेख में रखा जाए ,, ताकी वो ऐसी स्थिती से निपट सकें।

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