नाभा के गांव पहाड़पुर के परिवार पर उस समय टुटा दुखों का पहाड़ जब उनके बेटे की

Nabha

नाभा (सुखचैन सिंह ) नाभा के गांव पहाड़पुर से दो महीने पहले 4 नवंबर को स्ट्डी वीजा पर साईप्रस गए नोजवान सरबजीत सिंह उर्फ़ सरबी का साईप्रस के शहर नकोशिया में 3 जनवरी को दस के करीब भारतीय युवकों ने हमला कर बेरहमी से कत्ल कर दिया।हमले के वक्त सरबजीत के साथ कमरे में उसके कुछ दोस्त भी मौजूद थे जिनमें से तरनतारन के रहने वाले विक्रम की हालत गंभीर बताई जा रही है तो एक युवक के सिर में चोट लगने से 44 टाँके लगाए गए है.सरबजीत और उसके दोस्तों पर कातिलाना हमले की सूचना सरबजीत सिंह के दोस्त ने उसके परिजनों को दी और घटना की जांच कर रही नकोशिया पुलिस की तरफ से दूसरे दिन सरबजीत के गांव में फोन कर मामले की सूचना दी गयी.सरबजीत की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.घर का इकलौता चिराग ही जब बुझ गया तो परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ ही टूट गया हो घटना का पता चलने पर सरबजीत के गांव पहाड़पुर में पूरी तरह मातम छा गया है.गांव में सरबजीत की खबर मिलने के बाद से ही गांव में किसी परिवार के लिये भी चूल्हा जलाना मुश्किल हो रहा है क्योंकि गांव के नोजवान की इस तरह से अचानक मौत हो जाने से सभी गांववासियों की आँखें नम दिख रही थी .गांव की गलियां जहाँ बुजुर्गों और नोजवानो की चहल पहल रहती थी वो बिलकुल सूनी नजर आ रही थी. मृतक सरबजीत सिंह के पिता और बाकी परिजन उसके शव को भारत लाने के लिये प्रयास कर रहे है जिसको लेकर आज उन्होंने नाभा में एक समागम में पहुँचे पटियाला सांसद डॉ धर्मवीर गांधी से मिलकर शव भारत लाने की गुहार लगाई।
.सरबजीत की माँ ने कहा की उसका बेटा जिस भी हालत में है उसे भारत वापस उसके घर लाया जाये।
 वहीं मृतक सरबजीत सिंह के चाचा स्वर्ण सिंह जिनका सरबजीत से बेहद लगाव रहा वो भी सरबजीत की मौत से दुखी थे.उन्होंने कहा की उसके भतीजे का शव जल्द भारत लाया जाये।
मृतक के पिता बलविंदर सिंह ने कहा की उन्होंने सांसद डॉ धर्मवीर गांधी से शव को भारत लाने की गुहार लगाई है शव जल्द भारत लाया जाये।
सांसद डॉ धर्मवीर गांधी ने कहा की उन्हें इस नोजवान की मौत से ख़ासा दुःख है वो आज ही विदेश मंत्रालय,मदद संस्था और केंद्री मंत्री सुषमा स्वराज के पास मामला लेकर जा रहे और शव को भारत लाने के प्रयास शुरू किये जा रहे है.

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