एयरबेस पर आतंकी हमले के बावजूद (देखो पूरा मामला )

Pthankot Punjab


पठानकोट (कँवल रंधावा ) पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले को एक साल हुआ पूरा , आतंकी हमले के बावजूद भी प्रशासन ने नही ली सीख, सुरक्षा के चलते सरहदी इलाके में बड़ी चूक , रावी दरिया पर कुछ दिन पहले बना अवैध पुल सुरक्षा में लगा रहा बड़ी सेंद , नजायज तरीके से ट्रक निकालने के लिए क्रेशर मालिको ने बनाया पुल / जम्मू कश्मीर और इंडो पाक सिमा से दस किलोमीटर की दुरी पर बना है पुल,पुलिस मुश्तेद पर सिवल प्रशासन ने अभी तक नही की कोई कारबाई

पठानकोट एयरबेस हमले को एक साल पूरा हो गया है पिछले साल 2 जनवरी 2016 को आतंकियों ने एयरबेस पर हमला किया था और जिस रूट का उन्होंने इस्तेमाल किया था बो नरोट इलाके से हो करके पठानकोट तक पहुंचे थे जिसके बाद भी पठानकोट प्रशासन ने इस से कोई सिख नहीं ली है जिसकी ताजा मिसाल भारत पाक सीमा से 10 किलोमीटर और जम्मू कश्मीर की सरहद से सटे पंजाब के गाँव नरोट जैमल सिंह में देखने को मिली जहां गाँव के बीचों बीच बह रहे रावी दरिया पर क्रेशर मालिकों द्वारा अवैध पुल बना दिया गया है इस पूल के एक तरफ जम्मू कश्मीर और दूसरी तरफ भारत पाक बॉर्डर है अगर बात सुरक्षा के नज़रिए से करें तो पुलिस द्वारा राष्ट्रीय मार्गों और लिंक मार्गों पर नाके तो लगाए गए हैं लेकिन जहां पुल बनाया गया है वहां पुलिस की कोई चैकिंग नहीं है ऐसे में कोई भी जम्मू कश्मीर अथवा भारत पाक की तरफ से खेतों का सहारा ले भारत के किसी भी कोने में जा सकता है अगर बात करें 2016 के आतंकी हमले की तो तब भी आतंकी इन्ही छोटे छोटे नदी नालों के सहारे भारत में दाखिल हुए थे और एस पी सलविंदर की गाड़ी के माध्यम से कथलोर पूल से होते हुए एयरबेस तक पहुंचे थे और अब इस पुल पर नजायज तरीके से ट्रक चल रहे है जो की किसी भी बड़े हादसे को अंजाम देने में इस्तेमाल किये जा सकते है

ये जो ट्रको की लाइन आप पानी के ऊपर बने पुल से गुजरते हुए देख रहे है ये कोई सरकार द्वारा बनाया गया पुल नही बल्कि रावी दरिया में लगे क्रेशर मालिको और ट्रक ड्राइवरो द्वारा अपने ट्रको को रावी दरिया के आर पर बिना चेकिंग के जाने के लिए बनाया गया है जिसका फायदा किसी समय भी आतंकी ले सकते है जम्मू कश्मीर और इंडो पाक बॉर्डर से सटे होने के कारण इस तरह का पुल बनना सुरक्षा में एक बहुत बड़ी सेंद है जिसकी और प्रशासन का कभी ध्यान नही गया ये पुल अभी कुछ दिन पहले ही बनाया गया है इस बारे में पुल से गुजर रहे जब स्थानीय लोगों से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि जहां पानी बहता था और गाड़ियों का निकल पाना नामुनकिन था लेकिन 10 से 15 दिन पहले क्रेशर मालिकों द्वारा जहां अस्थाई पूल डलवाया गया इस पूल के एक तरफ करीब 10 किलोमीटर भारत पाक सरहद और जम्मू कश्मीर की सरहद लगती है और दूसरी तरफ से रास्ता पठानकोट को जाता है जहां पर कोई चेकिंग नही होती है जहां पर लगातार ट्रक निकलते है

इस बारे में जब पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस पूल को लेकर हमारे पास शिकायत आई है लेकिन अगर सुरक्षा की बात करें तो हमारी तरफ से सभी राष्ट्रिय मार्गों और लिंक मार्गों पर सुरक्षा के मध्य नज़र नाके लगाए गए हैं जहां तक बात है अवैध पूल के निर्माण की तो इस बारे में सम्बंधित विभाग ही बता सकता है अगर सम्बंधित विभाग हमसे मदद के लिए लिखेगा तो हमारी तरफ से बनती कार्रवाई की जाएगी अगर सम्बंदित विवाग की बात करे तो बो इस बारे में कुछ भी कहने से कतरा रहा है जहां ये बात जिकर करने योग्य है की इस तरह के रास्ते समय पर सीमावर्ती इलाके से नही हटाये गए तो पठानकोट की सड़को पर बड़ाई गई सुरक्षा में बड़ी आसानी से सेंद लगाइ जा सकती है

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