1000 अध्यापको को नियुक्ति पत्र बांटें ” डा दलजीत सिंह चीमा” देखे विडियो

derabassi Punjab

पंजाब सरकार द्वारा नए साल 2017 के पहले दिन आज जब रविवार को पंजाब के नए मास्टर काडर के 1000 अध्यापको को नियुक्ति पत्र  बांटें गए, आज तोहफे में मिले नियुक्ति पत्र प्रपात करके सभी उमीदवार  ख़ुशी से झूम उठे ।  पंजाब के शिक्षा मंत्री डा दलजीत सिंह चीमा द्वारा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल व् डीपीआई इंदरजीत सिंह की उपस्थिति में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में  पंजाब के नए मास्टर काडर 1000 अध्यापको को नियुक्ति पत्र  बांटें गए । 

पंजाब के शिक्षा मंत्री डा दलजीत सिंह चीमा  कहा  की पंजाब सरकार पंजाब में खाली पड़े अधियापको के बाकी पद भरने के लिए भी गंभीर है  सभी अधियापको को नोकरी पर रखने को लेकर गंभीर है और सरकार द्वारा  इन अधियापको को विभाग में सैट करने को लेकर सरकार ने विशेष खाका  तैयार कर उनके लिए अलग कैडर बनाया गया है जो टेट टेस्ट में इलीजिबल नहीं है और ओवरऐज हो चुके है । शिक्षा प्रोवाईडर अध्यापक यूनियन,  ई जी वालंटियर अध्यापक व इस टी आर आई अधिआपक यूनियन में काम करने वाले इन अधियापको को 3 महीने व् 6 महीने की अलग ट्रेनिंग देकर एक अलग से इनका कैडर बना दिया जायेगा जो सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी, एल के जी के बच्चो को पढ़ाएगी यह तीन वर्ष का कार्यकाल होगा । उन्होंने बताया की इसके लिए पंजाब के वित् मंत्री व् चीफ सैक्टरी  टू  CM पंजाब के साथ बैठक करके यह जानने की कोशिश कर रहे है की इससे सरकार के खाजाने पर कितने बोझ पड़ेगा । उन्होंने इन सभी अधियापको की दुर दशा की पंजाब सरकार जिम्मेवार नहीं है बल्कि इसकी आरोपी उस समय की केंद्र की कांग्रेस सरकार थी  जिन्होंने बिना सोचे समझे इन स्कीमो को बना दिया और बंद भी कर दिया जिससे बच्चो का भी शोषण  हुआ और खामियाज़ा पंजाब सरकार को भुगतना पड़  रहा है । उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा चालु की गई यह सभी स्कीमे देश भर में शुरू की गई  थी और आज पंजाब को छोड़ पूरे देश में बंद भी हो चुकी है परंतु पंजाब सरकार ने बच्चो के हित्तों   देखते हुए इस स्कीम पंजाब में जारी रखा और अपने पास से उनको तन्खाव  भी देती रही । उन्होंने कहा की पंजाब सरकार आज भी उनको किसी न किसी ढंग से कोई रास्ता निकाल उन्हें सैट  करने के बारे में सोच रही है परंतु जब उनको इन बच्चो को उनके घर में घुस कर कर कब्ज़ा करने,रोष प्रदर्शन करने, रोड जाम कर धरने लगाने जैसे काम करते सुन कर उनके दिल को दुख होता है । एक अधिआपक  जथेबंदी द्वारा दिए गए बयान की उन्होंने टावर पर चढ़ कर नोकरी प्रपात की है पर नाराजी जाहिर करते हुए कहा की जिसकी भी नियुक्ति हुई  है वह मैरिट के आधार पर हुई है। शिक्षा मंत्री डा दलजीत सिंह चीमा ने साफ़ कहा की सरकार ने  पिछले 9 वर्षो में पारदर्शता के साथ 85 हज़ार अधियापको को भर्ती किया है । उन्होंने कहा कि वह ना कभी किसी के दबाव में आते है और ना ही कभी प्रेशर में आएंगे । 
 
 
 ईटीटी टीचर्स की और से उनके घर पर प्रदर्शन किए जाने के मामले पर चीमा ने कहा कि यह बहुत बड़ी अफ़सोस की बात है कि इतनी सुरक्षा होने के बावजूद इतनी बड़ी गिनती में प्रदर्शनकारी अध्यापक उनके घर के अंदर तक पहुँच गए । उन्होंने कहा कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की कारगुज़ारी की जांच के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री को शिकायत दी गयी है,इसे लेकर वो जल्द ही गृह मंत्रालय से भी शिकायत करेंगे,पुलिस के अधिकारियो ने नहीं निभायी अपनी ड्यूटी । डॉक्टर  चीमा ने साफ़ कहा की हाई  कोर्ट ने भी कहा है की अपनी मांग मनवाने के लिए टंकी जा टावर पर चढ़ना अच्छा काम नहीं है । उन्होंने ऐसी यूनियन के लीडर के बयान पर टिप्पणी करते हुए साफ़ सबदों  में कहा कि  ऐसे लोग सरकार का धन्यवाद करने की जगह अपनी घटिया हथ कंडो प्रयोग कर रहे है रहे । उन्होंने साफ़ कह दिया कि कुझ यूनियन लीडर अपनी चींचीं ऊँगली पर खून  लगा  कर शहीद बनने कोशिश कर रहे है ।  
 
 
इस अवसर पर पंजाब के नए मास्टर काडर 1000 अध्यापको ने चुनाव से पहले नियुक्ति पत्र मिलने पर पंजाब सरकार का धन्यवाद आभार प्रगट  किया और इसे नए साल का तोहफा बताया 

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