मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के लिए आइएमए ने विशेष फंड की स्थापना की है

Amritsar Punjab

अमृतसर के स्थानीय रेडीसन ब्लू होटल में एक प्रेस वार्ता का आजोजन किया गया जिस में अमृतसर में आज पद्मश्री और डॉ.बीसी रायः नेशनल अवार्ड प्राप्त डॉ.के के अग्रवाल ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए )के 88 वी नैशनल प्रेसीडेंट के तौर पर शपथ ग्रहण की।
इस मौके पर वर्ल्ड मेडिकल एसोसिसेशन के अध्य्क्ष डॉ.केतन देसाई और एमसीआई के प्रेसीडेंट डॉ.जयश्री बेन मेहता ने मुख्य मेहमान और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल ने विशेष तौर पे शिरकत की।

इस अवसर पर डॉ अग्रवाल ने बताया की इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए)चिकित्सा जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जहां चिकित्सा सुविधाएं सुलभ मिलेंगी, वहीं गैरकानूनी कृत्य करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ भी शिकंजा कसेगा। दरअसल, आइएमए ने स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह करने का बीड़ा उठाया है। भारत में आर्थिक रूप से कमजोर लोग बीमार होने पर महंगा उपचार नहीं करवा पाने के कारण कई जिंदगियां मौत के मुंह में समा जाती हैं।

इस मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के लिए आइएमए ने विशेष फंड की स्थापना की है। इस फंड से हृदय रोग ग्रसित लड़कियों की फ्री सर्जरी की जाएगी।  डॉ अगरवाल ने  कहा कि आइएमए द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अलग-अलग कैंपेन शुरू की गई है। मेंटल हेल्थ कैंपेन में मरीज से बार-बार यह पूछा जाएगा कि वह सिगरेट, शराब तो नहीं पीता? तनाव में तो नहीं रहता? मरीज जितनी मर्तबा डॉक्टर के पास आए, उससे यह सवाल जरूर किया जाए। साइलेंट ओवर कैंपेन के तहत सभी अस्पतालों में प्रतिदिन दो घंटे शांति रखी जाएगी। इससे अस्पताल का माहौल बढ़िया बनेगा और मरीजों को आराम मिलेगा। जरूरत भी है क्या कैंपेन के अनुसार किसी भी मरीज का टेस्ट करने से पहले डॉक्टर अपने आप से पूछे कि आखिर टेस्ट की जरूरत क्या है। गैरजरूरी टेस्ट न करवाए जाएं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण कैंपेन 950 है। इसके अनुसार आइएमए ने प्रस्ताव पारित किया है

कि यदि डॉक्टर लिंग परीक्षण अथवा भ्रूण हत्या करते पाया गया तो उसे कतई माफ न किया जाए। उसकी मेंबरशिप रद की जाएगी।

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