जालंधर के पत्रकारों पर हो रहे अत्यचार का इंसाफ कब मिलेगा ?

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अमृतसर : हनी मेहरा
दोस्तों आज हम जो कहानी आपको पढ़ने के लिए  दे रहे उसे पूरा पढियेगा जरूर आपको पत्रकारों के जीवन में  कितनी तकलीफें हैं पता चल जायेगा और मुझे पूरी उम्मीद है कीइस कहानी को पढ़ने के बाद मन जरूर भर जायेगा, दोस्तों हमारी आज की ये ख़ास पेशकश जालंधर के दो पत्रकारों श्री राजीव धामी और श्री अमित  भरद्वाज की है

 दोस्तों पिछले साल के  सितम्बर माह में पंजाब के मोगा शहर से एक  व्यक्ति ने एक बम बना के कुरियर से किसी अपने रिस्तेदार की जान लेने की नियत से मोगा से  कुरीओरकी दूकान से बुक किया था यह कुरीओर मोगा में ही फट गया था,  बाद में मामले की जांच करने के लिए NIA और NSG  मोगा पहुंची थी कुछ ही दिनों में मोगा पुलिस नेअभियुक्त को उड़ीसा से गिरफ्तार कर लिया था, जब अभियुक्त से पूछ ताछ की गई तो पता चला की अभियुक्त ने जालंधर के रेलवे स्टेशन के सामने पड़ते एक गेस्ट  हाउस जिसेएक व्यक्ति पूरी तरह से गैरकानूनी ढंग से चला रहा है जिसके पास वकालत की डिग्री है के गेस्ट हाउस में लगभग 8 से 10 दिन छिपा था, फिर मोगा पुलिस अभियुक्त कोशिनाख्त के लिए गेस्ट  हाउस में लेके आई तो श्री अमित भरद्वाज भी उक्त गेस्ट हाउस में  रिपोर्टिंग करने पहुंचे थे,  जब मामले से जुड़े खबर को छापने की बारी आई तो गेस्टहाउस चलाने वाले ने श्री अमित फ़ोन करके खबर न चलाने और साथ ही बाकी पत्रकार साथियो से भी खबर रुकवाने के लिए धमकी  दी थी, जब किसी भी पत्रकार साथी ने खबर नहीं  रोकी तो गेस्ट हाउस चलाने वाले वकालत डिग्री धारी ने श्री अमित को कोर्ट के चक्कर कटवाने की धमकी दी थी, इतना बड़ा मामला था मोगा पुलिस ने गेस्ट हाउस मालिककी कोई जांच पड़ताल नहीं की और कुछ  खाना पूर्ती करके चलती बानी ये सवाल आज भी वही खड़ा है,  हाला की उस समय गेस्ट हाउस वाले ने रंजिश अपने मन में ही राखी

 कैसे फसे पत्रकार राजीव धामी- साल 2019 के मार्च के माह में जालंधर के  पत्रकार राजीव धामी जो वेब मीडिया से जुड़े है ने एक  सीरीज प्रकाशित की जिसमे जालंधर शहर मेंएक विज्ञापन एजेंसी द्वारा अवैध विज्ञापनों का जो गोरख धंधा चलाया जा रहा था का खुलासा कर दिया गया, इसी कड़ी में राजीव धामी की नजर उसी गेस्ट हाउस पे गई जिसमेमोगा कुरीओर बम काण्ड का आरोपी छिपा था, श्री राजीव ने पाया की उक्त गेस्ट हाउस की छत और दीवार गिरने की कगार पे है और जब भी इमारत गिरेगी  तब जान और मालका भारी नुक्सान हो सकता है क्योकि इस जर जर हो चुकी इमारत की दीवार के पीछे रेलवे स्टेशन का भीड़ भाड़ वाला इलाका है, श्री राजीव धामी ने देखा की जर जर इमारतकी दीवार पे बहुत बड़े बड़े विज्ञापन के बोर्ड लगे हुए है जिसके बाद श्री  राजीव को कुछ शक हुआ तो उन्होंने जांच करनी शुरू की तो पता लगा की ये सभी विज्ञापन अवैध हैं औरनिगम को कभी एक रुपया टैक्स के रूप  में नहीं दिया गया और सारा घोटाला बिना सरकारी मंजूरी के चल रहा है, जब श्री राजीव ने मामले की कवरेज करनी शुरू तो जाल साजऔर धोखेबाज़ विज्ञापन एजेंसी और और गेस्ट हाउस चला रहे व्यक्ति दोनों की पोल खुल गई, बस एहि से शुरू हुआ संघर्ष

 श्री राजीव धामी पे लगाए गए झूठे कोर्ट केस- खबर स तिलमिलाय वकील ने पहले श्री राजीव को एक लीगल नोटिस भेजा जिसमे अपने  बेदखल भाई कोई अपना क्लाइंट पेशकरके श्री राजीव को नोटिस भेजा पर जब श्री राजीव लगतार मामले पे खबर लिखते रहे तो श्री अमित भरद्वाज से  कहा की जितनी भी खबरें श्री राजीव धामी ने उसके खिलाफन्यूज़ वेबसाइट पे छापी हैं सबको हटाया जाये जिसपे श्री अमित भरद्वाज ने साफ़ मना कर दिया

 कैसे फसाया श्री अमित भरद्वाज को- खबर न हटवाने की वजह से  श्री अमित उक्त वकील की आँखों में खटक रहे थे जिस वजह से एक दिन उक्त वकील ने पहले श्री अमित कोगालिया दी फिर मारने की धमकिया दी, इस बात का सबूत  श्री अमित के पास है, पर शातिर वकील  ने जो गालिया और धमकिया दी थी उसी  उलटे और झूठे आरोप की  शिकायत श्री अमित के खिलाफ जालंधर के अलग अलग पुलिस थानों में लिखवा दी, इसके बाद लगभग पूरे जालंधर की पुलिस अमित और राजीव धामी को रोज़ धमकाती रही,  ये सिलसिला कई महीने चलता रहा, इसी साल के मार्च के माह में जब उक्त वकील ने देखा की पुलिस उसके प्रति सहनुभूति रखते हुए भी कोई झूठा मामला श्री अमित और श्रीराजीव पे नहीं दर्ज कर प् रही तो बोखलाहट में उक्त वकील ने पहले श्री अमित  के खिलाफ एक झूठी शिकायत अदालत में दर्ज करवा दी जिसकी आगे की कोई जानकारी हमारेपास फिलहाल नहीं है, इन सब बातों से आगे बढ़ते हुए उक्त वकील ने श्री राजीव धामी पे एक झूठा मुकदमा हाई कोर्ट में लगा दिया जिसका मोशन नोटिस श्री  राजीव और पंजाबपुलिस दोनों को मिल चूका है

 कैसे धमकी मिल रही आम जनता को- मामले में सबसे खतरनाक और अमानवीय मोड़ तब आया जब उक्त वकील ने  एक अन्य युवक को फर्जी शिकायत करता बना के एककुछ फर्जी लीगल नोटिस  बना के उन सभी लोगो को भेजे जो श्री अमित की न्यूज़ वेबसाइट पे विज्ञापन दे रहे थे सबको लिखित में कोर्ट में घसीटने की धमकी दी गई की कोई भीश्री अमित की वेब  साइट पे विज्ञापन न दे जिसने उक्त वकील की बात नहीं मानी उस मासूम  व्यक्ति पर  अनगिनत झूठी शिकायतें जालंधर के अलग अलग पुलिस थानों में दीगई पुलिस ने एक बार फिर उक्त वकील के कहने पे विज्ञापन  देने  वालो को जम के परेशान किया और  पुलिस उक्त वकील के इशारे पे  श्री अमित को विज्ञापन  देने वाले लोगोको बार बार ब्यान देने के नाम पे अभी तक तंग परेशान कर रही है

सारे सबूत होते हुए भी उक्त वकील पे कोई कार्रवाई नहीं

दोस्तों आज हम जो कहानी आपको पढ़ने के लिए  दे रहे उसे पूरा पढियेगा जरूर आपको पत्रकारों के जीवन में  कितनी तकलीफें हैं पता  चल जायेगा और मुझे पूरी उम्मीद है की इस कहानी को पढ़ने के बाद मन जरूर भर जायेगा, दोस्तों हमारी आज की ये ख़ास पेशकश जालंधर के दो पत्रकारों श्री राजीव धामी और श्री अमित  भरद्वाज की है

 दोस्तों पिछले साल के  सितम्बर माह में पंजाब के मोगा शहर से एक  व्यक्ति ने एक बम बना के कुरियर से किसी अपने रिस्तेदार की जान लेने की नियत से मोगा से  कुरीओर की दूकान से बुक किया था यह कुरीओर मोगा में ही फट गया था,  बाद में मामले की जांच करने के लिए NIA और NSG  मोगा पहुंची थी कुछ ही दिनों में मोगा पुलिस ने अभियुक्त को उड़ीसा से गिरफ्तार कर लिया था, जब अभियुक्त से पूछ ताछ की गई तो पता चला की अभियुक्त ने जालंधर के रेलवे स्टेशन के सामने पड़ते एक गेस्ट  हाउस जिसे एक व्यक्ति पूरी तरह से गैर कानूनी ढंग से चला रहा है जिसके पास वकालत की डिग्री है के गेस्ट हाउस में लगभग 8 से 10 दिन छिपा था, फिर मोगा पुलिस अभियुक्त को शिनाख्त के लिए गेस्ट  हाउस में लेके आई तो श्री अमित भरद्वाज भी उक्त गेस्ट हाउस में  रिपोर्टिंग करने पहुंचे थे,  जब मामले से जुड़े खबर को छापने की बारी आई तो गेस्ट हाउस चलाने वाले ने श्री अमित फ़ोन करके खबर न चलाने और साथ ही बाकी पत्रकार साथियो से भी खबर रुकवाने के लिए धमकी  दी थी, जब किसी भी पत्रकार साथी ने खबर नहीं  रोकी तो गेस्ट हाउस चलाने वाले वकालत डिग्री धारी ने श्री अमित को कोर्ट के चक्कर कटवाने की धमकी दी थी, इतना बड़ा मामला था मोगा पुलिस ने गेस्ट हाउस मालिककी कोई जांच पड़ताल नहीं की और कुछ  खाना पूर्ती करके चलती बानी ये सवाल आज भी वही खड़ा है,  हाला की उस समय गेस्ट हाउस वाले ने रंजिश अपने मन में ही राखी

 कैसे फसे पत्रकार राजीव धामी- साल 2019 के मार्च के माह में जालंधर के  पत्रकार राजीव धामी जो वेब मीडिया से जुड़े है ने एक  सीरीज प्रकाशित की जिसमे जालंधर शहर मेंएक विज्ञापन एजेंसी द्वारा अवैध विज्ञापनों का जो गोरख धंधा चलाया जा रहा था का खुलासा कर दिया गया, इसी कड़ी में राजीव धामी की नजर उसी गेस्ट हाउस पे गई जिसमेमोगा कुरीओर बम काण्ड का आरोपी छिपा था, श्री राजीव ने पाया की उक्त गेस्ट हाउस की छत और दीवार गिरने की कगार पे है और जब भी इमारत गिरेगी  तब जान और मालका भारी नुक्सान हो सकता है क्योकि इस जर जर हो चुकी इमारत की दीवार के पीछे रेलवे स्टेशन का भीड़ भाड़ वाला इलाका है, श्री राजीव धामी ने देखा की जर जर इमारतकी दीवार पे बहुत बड़े बड़े विज्ञापन के बोर्ड लगे हुए है जिसके बाद श्री  राजीव को कुछ शक हुआ तो उन्होंने जांच करनी शुरू की तो पता लगा की ये सभी विज्ञापन अवैध हैं औरनिगम को कभी एक रुपया टैक्स के रूप  में नहीं दिया गया और सारा घोटाला बिना सरकारी मंजूरी के चल रहा है, जब श्री राजीव ने मामले की कवरेज करनी शुरू तो जाल साजऔर धोखेबाज़ विज्ञापन एजेंसी और और गेस्ट हाउस चला रहे व्यक्ति दोनों की पोल खुल गई, बस एहि से शुरू हुआ संघर्ष

 श्री राजीव धामी पे लगाए गए झूठे कोर्ट केस- खबर स तिलमिलाय वकील ने पहले श्री राजीव को एक लीगल नोटिस भेजा जिसमे अपने  बेदखल भाई कोई अपना क्लाइंट पेशकरके श्री राजीव को नोटिस भेजा पर जब श्री राजीव लगतार मामले पे खबर लिखते रहे तो श्री अमित भरद्वाज से  कहा की जितनी भी खबरें श्री राजीव धामी ने उसके खिलाफन्यूज़ वेबसाइट पे छापी हैं सबको हटाया जाये जिसपे श्री अमित भरद्वाज ने साफ़ मना कर दिया

 कैसे फसाया श्री अमित भरद्वाज को- खबर न हटवाने की वजह से  श्री अमित उक्त वकील की आँखों में खटक रहे थे जिस वजह से एक दिन उक्त वकील ने पहले श्री अमित कोगालिया दी फिर मारने की धमकिया दी, इस बात का सबूत  श्री अमित के पास है, पर शातिर वकील  ने जो गालिया और धमकिया दी थी उसी  उलटे और झूठे आरोप की  शिकायत श्री अमित के खिलाफ जालंधर के अलग अलग पुलिस थानों में लिखवा दी, इसके बाद लगभग पूरे जालंधर की पुलिस अमित और राजीव धामी को रोज़ धमकाती रही,  ये सिलसिला कई महीने चलता रहा, इसी साल के मार्च के माह में जब उक्त वकील ने देखा की पुलिस उसके प्रति सहनुभूति रखते हुए भी कोई झूठा मामला श्री अमित और श्रीराजीव पे नहीं दर्ज कर प् रही तो बोखलाहट में उक्त वकील ने पहले श्री अमित  के खिलाफ एक झूठी शिकायत अदालत में दर्ज करवा दी जिसकी आगे की कोई जानकारी हमारेपास फिलहाल नहीं है, इन सब बातों से आगे बढ़ते हुए उक्त वकील ने श्री राजीव धामी पे एक झूठा मुकदमा हाई कोर्ट में लगा दिया जिसका मोशन नोटिस श्री  राजीव और पंजाबपुलिस दोनों को मिल चूका है

 कैसे धमकी मिल रही आम जनता को- मामले में सबसे खतरनाक और अमानवीय मोड़ तब आया जब उक्त वकील ने  एक अन्य युवक को फर्जी शिकायत करता बना के एककुछ फर्जी लीगल नोटिस  बना के उन सभी लोगो को भेजे जो श्री अमित की न्यूज़ वेबसाइट पे विज्ञापन दे रहे थे सबको लिखित में कोर्ट में घसीटने की धमकी दी गई की कोई भीश्री अमित की वेब  साइट पे विज्ञापन न दे जिसने उक्त वकील की बात नहीं मानी उस मासूम  व्यक्ति पर  अनगिनत झूठी शिकायतें जालंधर के अलग अलग पुलिस थानों में दीगई पुलिस ने एक बार फिर उक्त वकील के कहने पे विज्ञापन  देने  वालो को जम के परेशान किया और  पुलिस उक्त वकील के इशारे पे  श्री अमित को विज्ञापन  देने वाले लोगोको बार बार ब्यान देने के नाम पे अभी तक तंग परेशान कर रही है

सारे सबूत होते हुए भी उक्त वकील पे कोई कार्रवाई नहीं

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